Friday, 31 May 2013

वशीकरण


हनुमान वशीकरण मन्त्र


“ॐ राई वर राई पचरसी। बारह सरसू तेरह राई। नब्बे दिन मंगलवार को ऐसी भाऊ, पराई स्त्री (साध्या का नाम) को भूल जाए घर-बार। घर छोड़, घर की डौरी छोड़। छोड़ माँ-बाप और छोड़ घर का साथ, हो जा मेरे साथ। दुहाई तुझे हलाहल हनुमान की। मेरा काम जल्दी कर, नी करे तो माँ अञ्जनी के सेज पर पाँव धरे। तेरी माता का चीर फाणीने लँगोट करे। फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा।”
विधि- उक्त मन्त्र को पहले ‘नवरात्र’ या ‘ग्रहण’ में सिद्ध करे। ‘नवरात्र’ में मंगल और शनिवार को हनुमान जी को चोला चढ़ाए और प्रतिदिन हनुमान जी की मूर्ति के समक्ष १०८ बार जप करे। जप के समय अपने पास ‘राई’ और ‘सरसों’ रखे। मन्त्र पढ़कर इन्हें अभिमन्त्रित करे। बाद में आवश्यकतानुसार ‘प्रयोग’ करे। प्रयोग के समय चतुराई से तेरह राई ‘साध्या’ की डेहरी पर डाले और बारह सरसों उसके घर पर फेंके।

 

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